1.3 लाख भारतीयों को गूगल देगा ‘फ्री’ ट्रेनिंग, आपके पास भी है मौका
दिल्ली में आयोजित हुआ गूगल का इवेंट
![]()
नई दिल्ली, 23 नवंबर 2017, अपडेटेड 19:37 IST
![]()
गूगल का नाम सुनते ही आपके मन में आता है इंटरनेट और सर्च इंजन. लेकिन ऐसा नहीं है, गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं है, बल्कि इससे कहीं ज्यादा है. गूगल ने गुरूवार को भारत में स्कॉलरशिप प्रोग्राम की शुरुआत की है. इसके लिए गूगल ने प्लूरलसाइट और उडासिटी के साथ साझेदारी की है. कंपनी ने इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत भारत में 130 हजार डेवेलपर और छात्रों को स्किल ट्रेनिंग देने का टार्गेट रखा है. गूगल ने इनमें से 100 हजार स्कॉलरशिप प्लूरलसाइट टेक्नॉलॉजी लर्निंग कर्रिकुलम पर स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया है, जबकि 30 हजार स्कॉलरशिप उडासिटी पर दिया जाएगा.
गौरतलब है कि गूगल के साझेदारी के साथ चलाए जा रहे इन ऑनलाइन कोर्स को कोई भी ज्वाइन कर सकता है और इसे ज्वाइन करने के लिए आपको पैसे नहीं देने होते हैं.
गूगल और इन दोनों कंपनियों ने आज दिल्ली में आयोजित एक इवेंट में कहा है कि इन कोर्स को सीखने के लिए आप घर बैठे ही योग्य हैं. इन कोर्स में मोबाइल और वेब डेवेलपमेंट, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी और क्लाउड प्लेटफॉर्म शामिल हैं. गूगल ने कहा है कि इन लर्निंग प्रोग्राम से भारतीय छात्रों को स्किल मिलेगा और इससे वो जॉब के लिए भी योग्य होंगे.
गूगल डेवेलपर प्रोडक्ट्स ग्रुप और स्किलिंग लीड इंडिया हेड विलियल फ्लोरेंस ने कहा है, ‘पिछले एक साल से हम अलग अलग प्रोग्राम और पहल के जरिए भारत के पांच लाख छात्रों और डेवेलपर्स के साथ काम कर रहे हैं. हम भारत में स्किलिंग इनिशिएटिव का ऐलान कर रहे हैं और 2 लाख 10 हजार छात्रों ने गूगल द्वारा डेवेलप किए गए कोर्स को उडासिटी के जरिए पूरा किया है. इस मोमेंटम को बनाते हुए यह स्कॉलर्शिप प्रोग्राम छात्रों और डेवेलपर्स को उन स्किल को पाने में मदद करेगा जो उन्हें सफल होने के लिए चाहिए’
उडासिटी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर इशान गुप्ता ने कहा है, ‘गूगल के साथ हमारी साझेदारी भारत में लोगों को जॉब करने के लिए तैयार करने में एक बड़ा कदम है. स्कॉलर्शिप प्रोग्राम के तहत छात्र वेब और मोबाइल डेवेलपमेंट पढ़ सकते हैं. कोर्स का पहला फेस फ्री है. टॉप -1000 छात्रों को को एक्स्ट्रा स्कॉलर्शिप दी जाएगी.’
गूगल, उडासिटी और प्लूरलसाइट के इन कोर्स से किन्हें होगा फायदा?
हमने उडासिटी के कंट्री हेड से बातचीत की है. उन्होंने बताया कि इन कोर्स के लिए सभी लोग योग्य हैं, लेकिन उन्हें प्रोग्रामिंग की बेसिक समझ होनी चाहिए. चूंकि ट्रेनिंग कोर्स में कई जटिल सबजेक्ट भी हैं, इसलिए बेसिक समझ जरूरी है. साथ ही उन्होंने बताया है कि ये कोर्स ऑनलाइन हैं और इंटरनेट के जरिए इसके लिए खुद को रजिस्टर करा सकते हैं. वेबसाइट पर आपको कोर्स प्रोग्राम चुनने का ऑप्शन मिलेगा और यहां से आप मनचाहा कोर्स चुन सकते हैं. पढ़ाई पूरी होने पर आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा और इस आधार पर आप कंपनियों में जॉब के लिए आवेदन भी कर सकते हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए जरूरी नहीं की आपका बैकग्राउंड साइंस का ही हो, क्योंकि आर्ट्स स्ट्रीमसे आने वाले भी टेक्नोलॉजी फर्म में काम कर रहे हैं. ये सभी कोर्स गूगल सर्टिफाइड हैं और गूगल के पैटर्न पर हैं. अलग अलग कोर्स की फीस अलग है, लेकिन शुरुआती कुछ महीने आपको फ्री में पढ़ाया जाएगा. अगर कोर्स में दिक्कत आ रही है तो इसके लिए सपोर्ट भी मिलेगा.
Popular Posts
-
1. Leverage the app economy. If you're looking to address some immediate financial needs, then the app economy is likely right for you....
-
District Health Society Surendranagar has published Advertisement for below mentioned Posts 2018. Other details like age limit, educatio...
-
ISRO's mission, the first carried out by the space agency this year, comes four months after it failed to launch IRNSS-1H onboard PSLV-3...
-
Every mobile phone will have an unique IMEI number associated with it. Usually fake mobile phones don't have an IMEI or use a duplicate ...
-
Gadget desk: Here we show a trick, with which you can find out which name of the SIM card is registered. You can also get information about ...